RPSC 1st Grade Hindi Answer Key 2026 PDF Download in Hindi, Complete Solved Question Paper

RPSC 1st Grade Hindi Answer Key 2026 PDF Download

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RPSC 1st Grade Hindi Solved Question Paper 31 May 2026 in Hindi

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Q.1 ‘श्रुतिकटुत्व’ काव्य-दोष का उदाहरण है –

(1) कब की इकटक डटि रही टटिया अंगुरिन टारि।
(2) थी सर्व में अधिक मंजुल, मृदुकारी। जादू-भरी मुरलिका पति-राधिका की।
(3) मंदिर-अराध अवधि हरि बदि गये, हरि-अहार चलि जात।
(4) तत्त्व-ज्ञान पाकर हुए आशय दलित समरत।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) कब की इकटक डटि रही टटिया अंगुरिन टारि।

Q.2 ‘ससि सो उज्ज्वल तिय वदन, पल्लव सो मृदु पानि।’ इस पंक्ति में निम्नलिखित में से कौनसा अलंकार है?

(1) उत्प्रेक्षा
(2) उपमा
(3) रूपक
(4) अपहनुति
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) उपमा

Q.3 रचना-रचनाकार की दृष्टि से सुमेलित विकल्प नहीं है –

(1) ज्ञान दीप – शेख नवी
(2) अनुराग–बाँसुरी – उसमान
(3) हंस जवाहिर – कासिमशाह
(4) मधुमालती – मंजन
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) मधुमालती – मंजन

Q.4 निम्नलिखित में से गलत कथन है –

(1) ओ, औ कण्ठतालव्य स्वर है।
(2) इ, ई तालव्य स्वर है।
(3) ‘ऋ’ मूर्धन्य स्वर है।
(4) सभी स्वर सघोष है।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) सभी स्वर सघोष है।

Q.5 निम्नलिखित में एकवचन से बहुवचन का सही विकल्प है –

(1) डिबिया – डिब्बे
(2) क्यारी – क्यारी
(3) विद्या – विधायें
(4) गौ – गौएँ
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) डिबिया – डिब्बे

Q.6 “विजय-तृष्णा का अन्त पराभव में होता है, अलक्षेन्द्र! राज्यसत्ता सुव्यवस्था से बढ़े, तो बढ़ सकती है, केवल विजयों से नहीं”। चन्द्रगुप्त नाटक में उक्त कथन किसने किससे कहा है?

(1) दाण्ड्यायन ने सिकन्दर से
(2) चाणक्य ने शकटार से
(3) सिकन्दर ने चन्द्रगुप्त से
(4) सेल्युकस ने वररुचि से
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) चाणक्य ने शकटार से

Q.7 “भारत भूमि क्या भुलाई जा सकती है? कदापि नहीं! अन्य देश मनुष्यों की जन्मभूमि है! यह भारत मानवता की जन्मभूमि है।” ‘चन्द्रगुप्त’ नाटक में भारतवर्ष के संदर्भ में ये विचार किसके हैं?

(1) अलका
(2) चन्द्रगुप्त
(3) कार्नेलिया
(4) मालविका
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) कार्नेलिया

Q.8 बालकाण्ड के आधार पर रामचरित्र के श्रोताओं का सही क्रम है –

(1) पार्वती – काकभुशुण्डि – भरद्वाज – याज्ञवल्क्य
(2) पार्वती – याज्ञवल्क्य – भरद्वाज – काकभुशुण्डि
(3) पार्वती – भरद्वाज – काकभुशुण्डि – याज्ञवल्क्य
(4) पार्वती – काकभुशुण्डि – याज्ञवल्क्य – भरद्वाज
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) पार्वती – काकभुशुण्डि – याज्ञवल्क्य – भरद्वाज

Q.9 कहानी संग्रह तथा कहानीकार का मिलान करते हुए सही विकल्प चुनिए –
(अ) तीन निगाहों की एक तस्वीर – (A) उषा प्रियंवदा
(ब) फिर बसंत आया – (B) ममता कालिया
(स) मुखौटा – (C) मन्नू भण्डारी
(द) जहर ठहरा हुआ – (D) चित्रा मुद्गल

(1) (अ)-(B), (ब)-(A), (स)-(C), (द)-(D)
(2) (अ)-(C), (ब)-(D), (स)-(A), (द)-(B)
(3) (अ)-(A), (ब)-(B), (स)-(D), (द)-(C)
(4) (अ)-(C), (ब)-(A), (स)-(B), (द)-(D)
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) (अ)-(C), (ब)-(D), (स)-(A), (द)-(B)

Q.10 काव्य का एकमात्र हेतु ‘प्रतिभा’ को मानने वाले आचार्य हैं –

(1) आनन्दवर्धन
(2) राजशेखर
(3) मम्मट
(4) पं. जगन्नाथ
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) पं. जगन्नाथ

Q.11 “सुनि जननी! सोइ सुत बड़भागी, जो पितु–मात–वचन–अनुरागी। तनय मात–पितु–तोषनहारा, दुरलभ जननि! सकल संसारा।।” प्रस्तुत पंक्तियों में कौनसा छन्द है?

(1) सोरठा
(2) द्रुतविलम्बित
(3) दोहा
(4) चौपाई
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) चौपाई

Q.12 शुद्ध वाक्य है –

(1) अधिकतर लोगों का यही विचार है।
(2) इसमें समस्त प्राणिमात्र का कल्याण है।
(3) उसे भारी प्यास लगी है।
(4) ऐसा साहित्य उत्कृष्टतम कहा जायेगा।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) अधिकतर लोगों का यही विचार है।

Q.13 प्रकम्पित ध्वनि है –

(1) व
(2) ल
(3) र
(4) य
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) र

Q.14 किस शब्द में ‘प्र’ उपसर्ग है?

(1) प्रत्येक
(2) प्रभु
(3) प्रतिष्ठा
(4) प्रत्यक्ष
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) प्रभु

Q.15 “भक्ति के लिए भगवान के साथ वैयक्तिक संबंध आवश्यक है और अवतार उस संबंध के लिए आवश्यक सामग्री प्रस्तुत करते है। यही कारण है कि मध्ययुग के प्रायः सभी धार्मिक संप्रदायों ने किसी-न-किसी रूप में अवतार की कल्पना अवश्य की है।” मध्यकालीन भक्ति-साहित्य की विवेचना में उक्त कथन किस विद्वान का है?

(1) आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी
(2) डॉ. रामकुमार वर्मा
(3) आचार्य विश्वनाथ प्रसाद मिश्र
(4) आचार्य रामचंद्र शुक्ल
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी

Q.16 मंत्री इकु बन बसत हमारो ताहि मिले सचु पाइयो। भ्रमरगीत सार के संदर्भ में मंत्री शब्द का प्रयोग किसके लिए हुआ है?

(1) अक्रूर
(2) उद्धव
(3) सुदामा
(4) राधा
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) उद्धव

Q.17 निम्नलिखित में कौनसा वाक्य शुद्ध है?

(1) तरूण नवयुवकों की शिक्षा का अच्छा प्रबंध होना चाहिए।
(2) आगामी रविवार को वह जयपुर गया था।
(3) उसने मुझे दस हजार रुपये दिये।
(4) बच्चा खाना और दूध पीकर सो गया।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) उसने मुझे दस हजार रुपये दिये।

Q.18 निम्नलिखित में से रचनाकार एवं रचनाओं की दृष्टि से संगत विकल्प है –

(1) महादेवी वर्मा – रश्मि, नीहार, करुणालय
(2) निराला – युगांत, परिमल, गीतिका
(3) प्रसाद – आँसू, उतरा, कानन-कुसुम
(4) पंत – उच्छ्वास, ग्रंथि, वीणा
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) महादेवी वर्मा – रश्मि, नीहार, करुणालय

Q.19 हिन्दी–साहित्य के इतिहास-ग्रंथ एवं उनके लेखक की दृष्टि से असंगत विकल्प है –

(1) हिन्दी साहित्य का अतीत – आ. विश्वनाथ प्रसाद मिश्र
(2) हिन्दी साहित्य का आलोचनात्मक इतिहास – डॉ. रामकुमार वर्मा
(3) हिन्दी साहित्य का आदिकाल – आ. रामचंद्र शुक्ल
(4) हिन्दी साहित्य की भूमिका – आ. हजारी प्रसाद द्विवेदी
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) हिन्दी साहित्य का आदिकाल – आ. रामचंद्र शुक्ल

Q.20 “आज लगता है, साथ रहना भी कितनी तरह का हो सकता है। सारी जिन्दगी साथ रहकर भी आदमी कितना अकेला रह सकता है और किसी का हल्का–सा स्पर्श भी कैसे जिन्दगी को किसी के साथ होने के एहसास और आश्वासन से भर सकता है।” उपन्यास ‘आपका बंटी’ में ये विचार किसके हैं?

(1) डॉक्टर
(2) वकील चाचा
(3) अजय
(4) शकुन
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) शकुन

Q.21 केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय द्वारा मानक हिंदी वर्णमाला में संयुक्त व्यंजन के रूप में स्वीकृत लिपि चिन्ह नहीं है –

(1) श
(2) ज्ञ
(3) क्ष
(4) त्र
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) श

Q.22 हिंदी भाषा के विकास की दृष्टि से असंगत है –

(1) मध्यकाल में पढ़े-लिखे लोगों की भाषा में ‘क, ख, ग, ज़ तथा फ़’ पाँच ध्वनियाँ सम्मिलित हो गईं।
(2) मध्यकाल में हिंदी की प्रमुख बोलियाँ विकसित हो गईं, अपभ्रंश के रूप प्रायः समाप्त हो गए।
(3) आदिकालीन हिंदी में भक्तिकाल की तुलना में बहुत अधिक तत्सम शब्द गृहीत हुए।
(4) ऐ तथा औ दो संयुक्त स्वर आदिकालीन हिंदी में प्रयुक्त होने लगे।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) आदिकालीन हिंदी में भक्तिकाल की तुलना में बहुत अधिक तत्सम शब्द गृहीत हुए।

Q.23 “लग्यो सुमनु है है सफलु आतप – रोसु निवारि । बारी बारी आपनी सींचि सुहृदता – बारि ।।” प्रस्तुत दोहे में रेखांकित शब्दों का निम्नलिखित में से क्रमशः संगत अर्थ है –

(1) बालिका, पारी, वचन
(2) वचन, बालिका, जल
(3) पारी, माली, वाटिका
(4) वाटिका, सरस्वती, माली
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) पारी, माली, वाटिका

Q.24 “प्रबल जो तुम में पुरुषार्थ हो । सुलभ कौन तुम्हें न पदार्थ हो । प्रगति के पथ में विचरो उठो । भुवन में सुख-शान्ति भरो उठो ।” प्रस्तुत पंक्तियों में छन्द है –

(1) द्रुतविलम्बित
(2) मन्दाक्रान्ता
(3) छप्पय
(4) हरिगीतिका
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) हरिगीतिका

Q.25 ‘उसे हमारी चिट्ठी मिली होगी।’ वाक्य में काल है –

(1) सम्भाव्य भविष्यत् काल
(2) सन्दिग्ध भूतकाल
(3) वर्तमान काल
(4) सन्दिग्ध वर्तमान काल
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) सन्दिग्ध भूतकाल

Q.26 ‘विदेशी’ शब्द नहीं है –

(1) खिड़की
(2) देर
(3) चेचक
(4) तमाशा
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) खिड़की

Q.27 निम्नलिखित में से कौनसे समूह के सभी शब्द पुल्लिंग हैं?

(1) पीतल, भारत, चाँदी
(2) दही, उड़ान, अनाज
(3) सरोज, नयन, गणित
(4) सोना, कपूर, मणि
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) सोना, कपूर, मणि

Q.28 कथन (क) रीतिकाल के प्रतिनिधि कवि बिहारी, मतिराम, पद्माकर रसिक ही थे, प्रेमी नहीं । (ख) इनकी सौन्दर्य भावना विषयगत न होकर विषयीगत थी । रीतिकाल के संबंध में डॉ. नगेन्द्र के उपर्युक्त कथनों की दृष्टि से सही विकल्प है –

(1) (क) गलत और (ख) सही
(2) (क) सही और (ख) गलत
(3) (क) और (ख) सही
(4) (क) और (ख) गलत
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) (क) सही और (ख) गलत

Q.29 किस विकल्प में अधिकरण कारकवाची ‘पर’ का प्रयोग नहीं हुआ है?

(1) अच्छे काम पर इनाम मिलता है।
(2) वहाँ तो परिन्दा भी पर नहीं मार सकता।
(3) दिन पर दिन भाव चढ़ रहा है।
(4) बात पर बात निकलती है।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) वहाँ तो परिन्दा भी पर नहीं मार सकता।

Q.30 ‘आपने इस अनित्य शरीर का, जो अल्प ही काल में नाश हो जाएगा, इतना मोह किया ।’ वाक्य में रेखांकित उपवाक्य का प्रकार है –

(1) संज्ञा उपवाक्य
(2) कालवाचक क्रियाविशेषण उपवाक्य
(3) विशेषण उपवाक्य
(4) रीतिवाचक क्रियाविशेषण उपवाक्य
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) विशेषण उपवाक्य

Q.31 ‘बच्चा पढ़कर सो गया’ वाक्य में रेखांकित अंश में क्रिया है –

(1) पूर्वकालिक क्रिया
(2) संयुक्त क्रिया
(3) प्रेरणार्थक क्रिया
(4) नामधातु क्रिया
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) पूर्वकालिक क्रिया

Q.32 रत्यादि स्थायी भावों को प्रकाशित करने वाली आश्रय की बाह्य चेष्टाएँ कहलाती हैं –

(1) आलम्बन विभाव
(2) उद्दीपन विभाव
(3) व्यभिचारी भाव
(4) अनुभाव
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) अनुभाव

Q.33 द्विवेदी युगीन रचना जिसमें प्रबंध और मुक्तक दोनों का सौन्दर्य विद्यमान है, का नाम है –

(1) प्रेम पथिक
(2) उद्धव शतक
(3) प्रिय प्रवास
(4) रंग में भंग
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) प्रिय प्रवास

Q.34 ‘वामपद असुर-स्कन्ध पर रहा दक्षिण हरि पर; ज्योतिर्मय रूप, हस्त दश विविध अस्त्र – सज्जित ।’ ‘राम की शक्ति-पूजा’ की इन पंक्तियों में किसका रूप वर्णित है?

(1) कुम्भकर्ण
(2) दुर्गा
(3) रावण
(4) हनुमान
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) हनुमान

Q.35 अर्द्धमागधी अपभ्रंश से विकसित हिंदी बोलियों का समूह है –

(1) पूर्वी हिन्दी
(2) बिहारी
(3) पश्चिमी हिंदी
(4) राजस्थानी
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) पूर्वी हिन्दी

Q.36 ‘आज लोगों के मन में यही बात समा रही है कि जहाँ तक हो सके शीघ्र ही शत्रुओं से बदला लेना चाहिए।’ वाक्य में उद्देश्य है –

(1) शत्रुओं से
(2) आज लोगों के मन में
(3) बात
(4) शीघ्र ही
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) आज लोगों के मन में

Q.37 दीर्घकाल से हिन्दी साहित्य के इतिहास-लेखक अपभ्रंश भाषा के साहित्य को भी हिन्दी साहित्य के पूर्वरूप के रूप में ग्रहण करते आए हैं।’ इतिहास लेखन संबंधी उपर्युक्त मान्यता किस विद्वान की है?

(1) डॉ. नगेन्द्र
(2) डॉ. रामकुमार वर्मा
(3) आ. हजारी प्रसाद द्विवेदी
(4) आ. रामचन्द्र शुक्ल
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) आ. हजारी प्रसाद द्विवेदी

Q.38 शुद्ध शब्द है –

(1) विदेशिक
(2) व्यवहारिक
(3) रसिक
(4) सप्ताहिक
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) रसिक

Q.39 निम्नलिखित में से किसे निर्गुण संत काव्यधारा का दार्शनिक-सांस्कृतिक आधार नहीं माना जाता है?

(1) उपनिषद्
(2) पुराण
(3) सूफी दर्शन
(4) शंकराचार्य का अद्वैतदर्शन
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) पुराण

Q.40 आचार्य रामचन्द्र शुक्ल हिंदी में रीतिग्रंथों की परंपरा का आरम्भ किस कवि से मानते हैं?

(1) देव
(2) केशवदास
(3) चिंतामणि त्रिपाठी
(4) भिखारीदास
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) केशवदास

Q.41 “पिउ सौं कहेउ सँदेसड़ा, हे भौंरा ! हे काग! सो धनि विरहै जरि मुई, तेहिक धुवाँ हम्ह लाग।।” नागमती वियोग खण्ड की प्रस्तुत पंक्तियों में किस माह का वर्णन है?

(1) कातिक
(2) अगहन
(3) कुवार
(4) सावन
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) सावन

Q.42 किस विकल्प के सभी शब्द ‘कमल’ के पर्यायवाची हैं?

(1) सरोज, पद्म, कोरक
(2) अरविंद, मुकुल, अम्बुद
(3) जलज़, जलजात, गुंचा
(4) पुंडरीक, नलिन, राजीव
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) पुंडरीक, नलिन, राजीव

Q.43 किस विकल्प में स्त्रीलिंग शब्द नहीं है?

(1) कृत्य, क्षण
(2) प्रहार, प्रार्थना
(3) द्रुम, आज्ञा
(4) चन्द्र, घोषणा
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) कृत्य, क्षण

Q.44 किस विकल्प में सभी शब्द यौगिक क्रियाविशेषण हैं?

(1) प्रेमपूर्वक, इसलिये
(2) दिनभर, दूर
(3) पहले, ठीक
(4) रात तक, अचानक
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) प्रेमपूर्वक, इसलिये

Q.45 “यह कहानी अर्थमूलक यथार्थ के कई जटिल आयामों को एक साथ उद्घाटित करती है। ये सारे आयाम आप में तने हुए लक्षित होते हैं ।” ‘कफन’ कहानी के संदर्भ में यह कथन किसका है?

(1) कमलेश्वर
(2) अमरकान्त
(3) यशपाल
(4) रामदरश मिश्र
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) अमरकान्त

Q.46 ‘वाक्यांश के लिए एक शब्द’ की दृष्टि से कौनसा विकल्प गलत है?

(1) जिसे करना कठिन हो – दुर्बोध
(2) किए गए उपकार को मानने वाला – कृतज्ञ
(3) जहाँ पहुँचना कठिन हो – दुर्गम
(4) जहाँ पहुँचा न जा सके – अगम्य
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) जिसे करना कठिन हो – दुर्बोध

Q.47 रसनिष्पत्ति के लिए भावकत्व तथा भोजकत्व व्यापार की स्थापना किस आचार्य द्वारा की गई?

(1) भट्टनायक
(2) अभिनव गुप्त
(3) शंकुक
(4) भट्टलोल्लट
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) भट्टनायक

Q.48 आदिकालीन शिलांकित कृति हैं –

(1) राउलवेल
(2) वर्णरत्नाकर
(3) उक्ति-व्यक्ति-प्रकरण
(4) श्रावकाचार
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) राउलवेल

Q.49 रीतिमुक्त काव्य की प्रवृत्तियों के संबंध में निम्नलिखित में से कौनसा विकल्प असंगत है?

(1) रीतिमुक्त कवियों का प्रेमवर्णन प्रायः व्यथा प्रधान है।
(2) रीतिमुक्त कवियों के वर्ण्य विषय और उनकी वर्णन शैली दोनों रीतिकालीन काव्य परम्परा से बँधे हैं।
(3) रीतिमुक्त काव्यधारा पर फ़ारसी की काव्य प्रवृत्तियों का प्रभाव दिखाई देता है।
(4) रीतिमुक्त काव्य में कवियों की प्रेमानुभूति को आत्माभिव्यक्ति की शैली में स्थान प्राप्त हुआ है।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) रीतिमुक्त कवियों के वर्ण्य विषय और उनकी वर्णन शैली दोनों रीतिकालीन काव्य परम्परा से बँधे हैं।

Q.50 “बहुत दिनन थैं मैं प्रीतम पाये, भाग बड़े घर बैठे आये।। मंगलाचार माँहि मन राखौं, राम रसाँइण रसना चाषौं । मंदिर माँहि भयो उजियारा, ले सुतो अपना पीव पियारा ।। मैं रनि राती जे निधि पाई, हमहिं कहाँ यह तुमहि बड़ाई । कहै कबीर मैं कछु न कीन्हा, सखी सुहाग राम मोहि दीन्हा ।।” प्रस्तुत पद की व्याख्या के संदर्भ में असंगत है –

(1) भक्त का दैन्य तथा परमात्मा के अनुग्रह का स्पष्ट वर्णन
(2) दाम्पत्य प्रतीकों द्वारा आत्मा-परमात्मा के मिलन की अद्भुत व्यंजना
(3) ‘कहै कबीर में कछु न कीन्हा, सखी सुहाग राम मोहि दीन्हा’ पंक्ति में अपहनुति अलंकार
(4) मिलन सुख की अनिर्वचनीयता की भी अभिव्यंजना
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) ‘कहै कबीर में कछु न कीन्हा, सखी सुहाग राम मोहि दीन्हा’ पंक्ति में अपहनुति अलंकार

Q.51 किस विकल्प में गलत संधि-विच्छेद है?

(1) वाङ्मय = वाक् + मय
(2) तृष्णा = तृष् + णा
(3) महच्छत्र = महत् + छत्र
(4) तद्रूप = तत् + रूप
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) तृष्णा = तृष् + णा

Q.52 निम्नलिखित में कौनसे वाक्य में ‘निजवाचक सर्वनाम’ की प्रयुक्ति नहीं हुई है?

(1) इस विषय में आप लोगों की क्या राय है?
(2) वह अपने को सुधार रहा है।
(3) अपने से बड़े का आदर करना उचित है।
(4) मैं आप वहीं से आया हूँ।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) मैं आप वहीं से आया हूँ।

Q.53 काव्य-लक्षण एवं लक्षणकार की दृष्टि से निम्नलिखित में से कौनसा विकल्प सुमेलित है?

(1) शब्दार्थौ सहितौ काव्यम् – विश्वनाथ
(2) तददोषौ शब्दार्थौ सगुणावनलंकृती पुनः क्वापि – जयदेव
(3) रमणीयार्थ-प्रतिपादकः शब्दः काव्यम् – जगन्नाथ
(4) वाक्यं रसात्मकं काव्यम् – भामह
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) रमणीयार्थ-प्रतिपादकः शब्दः काव्यम् – जगन्नाथ

Q.54 एक विशेष काव्यान्दोलन, जिसका जन्म हिन्दी के काव्य-क्षेत्र में ‘तार सप्तक’ के प्रकाशन के साथ माना जाता है, वह है –

(1) नयी कविता
(2) प्रयोगवाद
(3) प्रगतिवाद
(4) छायावाद
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) प्रयोगवाद

Q.55 अज्ञेय रचित ‘रोज’ कहानी के संबंध में असंगत है –

(1) वैवाहिक जीवन की एकरसता का चित्रण है।
(2) कहानी की शैली आत्मकथात्मक है।
(3) मालती के अतीत के उल्लासमय जीवन्त परिवेश का चित्रण है।
(4) कहानी की संरचना वर्णनात्मक है व चित्रात्मकता, संवादात्मकता और काव्यात्मकता का अभाव है।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) कहानी की संरचना वर्णनात्मक है व चित्रात्मकता, संवादात्मकता और काव्यात्मकता का अभाव है।

Q.56 “करके मीन-मेख सब ओर, किया करें बुध वाद कठोर, शाखामयी बुद्धि तजकर वे मूल-धर्म धरते हैं। हम राज्य लिए मरते हैं ।” ‘साकेत’ की उपर्युक्त पंक्तियों में ‘वे’ से संकेतित है –

(1) किसान
(2) विद्वान
(3) राजा
(4) सैनिक
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) विद्वान

Q.57 “जोरि पानि प्रभु कीन्ह प्रनामू । पिता समेत लीन्ह निज नामू । कहेउ बहोरि कहाँ बृषकेतू । बिपिन अकेलि फिरहु केहि हेतू ।” राम का यह कथन किसके प्रति है?

(1) अनसूया
(2) कैकेयी
(3) सती
(4) शबरी
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) शबरी

Q.58 त्रासदी के संबंध में असत्य कथन का चयन कीजिए –

(1) करुणा तथा त्रास के उद्रेक द्वारा मनोविकारों का उचित विरेचन त्रासदी का कार्य होता है।
(2) त्रासदी कार्य की अनुकृति है।
(3) त्रासदी कार्य व्यापार का वर्णन मात्र होती है, प्रस्तुति नहीं।
(4) त्रासदी का कार्य गंभीर एवं स्वतः पूर्ण होता है।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) त्रासदी कार्य व्यापार का वर्णन मात्र होती है, प्रस्तुति नहीं।

Q.59 तत्सम शब्द है –

(1) सूत
(2) छाया
(3) सिर
(4) चंपा
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) छाया

Q.60 ‘दमड़ी की बुढ़िया टका सिर मुँडाई’ लोकोक्ति का निकटतम अर्थ है –

(1) जितने का माल हो उससे ज्यादा उस पर व्यय होना।
(2) बलवान व्यक्ति अपराध करने पर तुच्छ मनुष्यों से भी दबता है।
(3) दिन रात काम करने पर भी काम पूरा न होना।
(4) थोड़े नुकसान से बेईमान का पता चलना।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) जितने का माल हो उससे ज्यादा उस पर व्यय होना।

Q.61 “महाकाव्य की उदात्तता और नाटक की गति ये दोनों मिलकर इस लंबी कविता को एक अपूर्व रूप प्रदान हैं” ‘राम की शक्तिपूजा’ के संबंध में यह कथन किस विद्वान आलोचक का है?

(1) डॉ. नामवर सिंह
(2) डॉ. रामस्वरूप चतुर्वेदी
(3) डॉ. रामविलास शर्मा
(4) आ. रामचंद्र शुक्ल
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) डॉ. रामस्वरूप चतुर्वेदी

Q.62 “अजौ तर्यौना हीं रह्यौ श्रुति सेवत इक-रंग । नाक बास बेसरि लह्यौ बसि मुकुतनु कैं संग ।।” प्रस्तुत दोहे की व्याख्या के संबंध में असंगत विकल्प है –

(1) बेसरि का लक्ष्यार्थ
(2) सत्संगति की महिमा का वर्णन
(3) तर्यौना = नासिका-भूषण विशेष
(4) श्लेष अलंकार
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) श्लेष अलंकार

Q.63 निबंध संग्रह और उसके रचनाकार की दृष्टि से असंगत विकल्प है –

(1) माटी हो गई सोना – कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’
(2) साहित्य सहचर – हजारी प्रसाद द्विवेदी
(3) कुछ कुछ गहरे – डॉ. इन्द्रनाथ मदान
(4) माटी का फूल – महादेवी वर्मा
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) माटी का फूल – महादेवी वर्मा

Q.64 निम्नलिखित में से काव्यांश और उसमें निहित काव्य-दोष की दृष्टि से असंगत विकल्प है –

(1) पर क्या न विषयोत्कृष्टता करती विचारोत्कृष्टता। – श्रुतिकटुत्व दोष
(2) अजा – सहेली ता रिपु जननी-भरतार। ताके सुत के मीत को सुमिरौं बारबार। – अप्रतीतत्व दोष
(3) अ–मानुषी भूमि अ–बानरी करी। – अक्रमत्व दोष
(4) कैसे कहते हो इस दुआर पर फिर से कभी न आऊँ। – ग्राम्यत्व दोष
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) पर क्या न विषयोत्कृष्टता करती विचारोत्कृष्टता। – श्रुतिकटुत्व दोष

Q.65 निम्नलिखित में से ग्राम्यत्व दोष का उदाहरण नहीं है –

(1) पड़े झटोले में रहे नींद न आई राति।
(2) धनु है यह गौरमदाइन नाहीं।
(3) मुख मयंक को देखकर विकसा मानस कंज।
(4) अली पास पौढ़ी भले मोहि किन पौढ़न देत।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) मुख मयंक को देखकर विकसा मानस कंज।

Q.66 आत्मकथा और आत्मकथाकार की दृष्टि से असंगत विकल्प है –

(1) कस्तूरी कुण्डल बसे – मैत्रेयी पुष्पा
(2) एक कहानी यह भी – मन्नू भण्डारी
(3) पिंजरे की मैना – मृदुला गर्ग
(4) अन्या से अनन्या – प्रभा खेतान
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) कस्तूरी कुण्डल बसे – मैत्रेयी पुष्पा

Q.67 सूरदास के भ्रमरगीत विषयक आचार्य शुक्ल की टिप्पणी नहीं है –

(1) सूरदास ने इसमें सगुणोपासना का निरूपण बड़े ही मार्मिक ढंग से किया है।
(2) भ्रमरगीत में गोपियों की वचनवक्रता अत्यन्त मनोहारीणी है।
(3) सूरसागर का सबसे मर्मस्पर्शी और वाग्वैदग्ध्यपूर्ण अंश भ्रमरगीत है।
(4) सगुण–निर्गुण का यह प्रसंग सूरदास ने भागवत से ग्रहण किया है।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) सगुण–निर्गुण का यह प्रसंग सूरदास ने भागवत से ग्रहण किया है।

Q.68 निम्नलिखित में से कौनसा आधार भारतेन्दु द्वारा खड़ी बोली – गद्य के स्वरूप निर्माण हेतु स्थिर किए गए आधारों में सम्मिलित नहीं है?

(1) आवश्यकता पड़ने पर संस्कृत के मूल स्रोत से शब्दों को ग्रहण करने की नीति।
(2) व्याकरण की शुद्धता और भाषा की सफाई पर अत्यधिक बल।
(3) मुख्यतः हिन्दी के तद्भव और प्रचलित शब्दों का प्रयोग।
(4) उर्दू – फारसी के लोक – व्यवहार में प्रचलित शब्दों का प्रयोग।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) उर्दू – फारसी के लोक – व्यवहार में प्रचलित शब्दों का प्रयोग।

Q.69 लोंजाइनस के उदात्त तत्व के बहिरंग पक्ष में सम्मिलित तत्व नहीं है –

(1) उत्कृष्ट भाषा
(2) भावावेश की तीव्रता
(3) गरिमामय रचना–विधान
(4) समुचित अलंकार योजना
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) भावावेश की तीव्रता

Q.70 निम्नलिखित में से शुद्ध वाक्य है –

(1) बड़ों की आज्ञा मानना हमारा कर्तव्य है।
(2) उन्होंने इस बात की आपत्ति उठायी।
(3) मैंने उसे बैठने की कुर्सी दी।
(4) व्यापार में सेठ रामलाल के कोई घाटा नहीं हुआ।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) बड़ों की आज्ञा मानना हमारा कर्तव्य है।

Q.71 देव संज्ञा से बना विशेषण है –

(1) देवत्व
(2) देवता
(3) दैविक
(4) दैवज्ञ
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) दैविक

Q.72 “मीत सुजान अनीत करी जिन, हाहा न हूजिये मोहि अमोही। डीठि को और कहुँ नहिं ठौर फिरी दृग राबरे रूप की दोही। एकबिसवास की टेक गहे लगि आस रहे बसि प्रान-बटोही। हौं घनआनंद जीवनमूल दई कित प्यासिनि भारत मोही।” प्रस्तुत पद में व्यक्त भाव नहीं है –

(1) उपालंभ
(2) दर्शन की इच्छा
(3) प्रिय का जीवनदायी होकर पिपासा शांत करना
(4) विश्वासघात
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) प्रिय का जीवनदायी होकर पिपासा शांत करना

Q.73 “कोइल भई पुकारति रही, महरि पुकारे ‘लेइ लेइ दही’। पेड़, तिलोरी औ जल हंसा, हिरदय पैठि बिरह कटनसा।।” उपर्युक्त पंक्तियों में ‘कटनसा’ शब्द का अर्थ है –

(1) कठफोड़वा
(2) चकोर
(3) तोता
(4) नीलकंठ
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) कठफोड़वा

Q.74 इन शब्दों को पढ़िए – (अ) पार्षद (ब) पारिजात (स) पार्थक्य (द) पार्श्वनाथ। शब्दकोश में इन शब्दों का क्रम क्रमशः होगा –

(1) (अ), (ब), (द), (स)
(2) (स), (द), (ब), (अ)
(3) (ब), (स), (द), (अ)
(4) (ब), (द), (अ), (स)
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) (ब), (द), (अ), (स)

Q.75 आचार्य के अनुसार रस के स्वरूप के संबंध में असंगत विकल्प है –

(1) रस का प्रकाशन आत्मचैतन्य से होता है।
(2) रसानुभव अन्य ज्ञान से रहित होता है।
(3) रसानंद ही वास्तविक ब्रह्मानंद है।
(4) रस का उदय वहीं होता है, जहाँ सतोगुण का उद्रेक होता है।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) रसानंद ही वास्तविक ब्रह्मानंद है।

Q.76 माधुर्य गुण के संबंध में असंगत कथन है –

(1) यह गुण शृंगार, करुण एवं शांत रसों में प्रयुक्त होता है।
(2) इसमें मधुर वर्ण, सानुनासिक वर्ण और अल्प-समास का प्रयोग होता है।
(3) इसमें सरल, सुबोध तथा श्रवणमात्र से ही शीघ्र अर्थबोध कराने वाले शब्द प्रयुक्त होते हैं, जिससे चित्त का विस्तार होता है और मन में आवेग उमड़ता है।
(4) इसमें ट, ठ, ड, ढ को छोड़कर ‘क’ से ‘म’ तक के वर्णों का समावेश होता है।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) इसमें सरल, सुबोध तथा श्रवणमात्र से ही शीघ्र अर्थबोध कराने वाले शब्द प्रयुक्त होते हैं, जिससे चित्त का विस्तार होता है और मन में आवेग उमड़ता है।

Q.77 अशुद्ध शब्द नहीं है –

(1) ज्योत्सना
(2) शाप
(3) जलौंञली
(4) याज्ञवल्क्य
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) याज्ञवल्क्य

Q.78 किस विकल्प के सभी शब्दकोश क्रमानुसार लिखे गए हैं?

(1) कवि, ज्ञानी, चित्रकार, ज्योतिषी
(2) कवि, चित्रकार, ज्योतिषी, ज्ञानी
(3) कवि, चित्रकार, ज्ञानी, ज्योतिषी
(4) कवि, ज्योतिषी, ज्ञानी, चित्रकार
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) कवि, चित्रकार, ज्ञानी, ज्योतिषी

Q.79 “हंस, छोड़ आये कहाँ मुक्ताओं का देश? यहाँ वन्दिनी के लिए लाये क्या संदेश?” पद में ‘मुक्ताओं का देश’ का व्यंजित अर्थ नहीं है –

(1) साकेत नगरी
(2) स्वाधीन जनों का देश
(3) मुक्त आत्माओं का देश
(4) मानसरोवर
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) साकेत नगरी

Q.80 वक्रोक्ति सिद्धान्त के विषय में असंगत है –

(1) वक्रोक्ति कविकल्पनाप्रसूत है और उसका उद्देश्य है, वैचित्र्यसिद्धि।
(2) प्रकरण वक्रता के अन्तर्गत कुन्तक ने अलंकारों का विधान किया है।
(3) वक्रोक्ति लोकोत्तर आल्हादकारिणी होकर असुन्दर वस्तु में कलात्मकता का आधान करती है।
(4) पदपूर्वार्द्ध वक्रता में मूल शब्द की वक्रता या रमणीयता वर्णित होती है।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) पदपूर्वार्द्ध वक्रता में मूल शब्द की वक्रता या रमणीयता वर्णित होती है।

Q.81 अभिधामूला ध्वनि के संदर्भ में असंगत है –

(1) इसे विवक्षितवाच्य ध्वनि भी कहा जाता है।
(2) इस का एक भेद अर्धान्तरसंक्रमितवाच्य ध्वनि है।
(3) वाच्यार्थ से व्यंग्यार्थ की प्रतीति होती है।
(4) रस, भावादि के व्यंजित होने के कारण इसे रस ध्वनि कहते हैं।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) रस, भावादि के व्यंजित होने के कारण इसे रस ध्वनि कहते हैं।

Q.82 भारतेन्दु-युग की प्रवृत्तियों के विषय में असंगत विकल्प है –

(1) इस युग में पश्चिमी सभ्यता, विदेशी शासन, रूढ़ियों आदि पर व्यंग्य करने के लिए कवियों ने विषय और शैली की दृष्टि से अनेक नये प्रयोग किये।
(2) परंपरागत रीति निरूपण पद्धति के प्रति भारतेन्दु युग के सभी कवियों का मोह बना रहा तथा सभी कवियों ने रीति निरूपण किया।
(3) इस युग में कवियों की प्रतिभा और रचना कौशल को परखने के लिए कवि गोष्ठियों में कठिन से कठिन विषयों पर समस्यापूर्ति करायी जाती थी।
(4) इस युग के कवियों ने जनमानस में राष्ट्रीय भावना के बीज वपन का महत्त्वपूर्ण कार्य किया।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) परंपरागत रीति निरूपण पद्धति के प्रति भारतेन्दु युग के सभी कवियों का मोह बना रहा तथा सभी कवियों ने रीति निरूपण किया।

Q.83 कविता-संग्रह एवं कवि सुमेलित कीजिए –

कविता-संग्रहकवि
(i) अपनी केवल धार(क) बद्रीनारायण
(ii) सच सने कई दिन हुए(ख) अरुण कमल
(iii) दुनिया रोज बनती है(ग) मदन कश्यप
(iv) लेकिन उदास है पृथ्वी(घ) आलोक धन्वा

(1) (i)-(क), (ii)-(ख), (iii)-(ग), (iv)-(घ)
(2) (i)-(ख), (ii)-(क), (iii)-(घ), (iv)-(ग)
(3) (i)-(ग), (ii)-(घ), (iii)-(क), (iv)-(ख)
(4) (i)-(घ), (ii)-(ग), (iii)-(ख), (iv)-(क)
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) (i)-(ख), (ii)-(क), (iii)-(घ), (iv)-(ग)

Q.84 ‘रोगी को बड़ी घबराहट हो रही थी।’ वाक्य में रेखांकित पद है –

(1) विशेषण
(2) क्रियाविशेषण
(3) क्रिया
(4) संज्ञा
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) संज्ञा

Q.85 ‘इंदौर पहले एक गाँव था।’ अर्थ की दृष्टि से वाक्य का प्रकार है –

(1) संदेह सूचक
(2) विधानार्थक
(3) निषेधवाचक
(4) संकेतार्थक
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) विधानार्थक

Q.86 चंद्रगुप्त नाटक के पात्रों के संबंध में सही विकल्प है –

(1) सुवासिनी शकटार की कन्या है।
(2) मणिमाला मगध की राजकुमारी है।
(3) मालविका तक्षशिला की राजकुमारी है।
(4) माधवी धनदत्त की पत्नी है।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) मणिमाला मगध की राजकुमारी है।

Q.87 “जब तक मरद जीता है, लोग बैयर को मरद की बहू कहकर पुकारते हैं, जब मरद मर जाता है, तो लोग उसे की अम्मा कहकर पुकारते हैं।” ‘गदल’ कहानी में उपर्युक्त कथन किसका है?

(1) डोडी
(2) निहाल
(3) मौनी
(4) गदल
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) डोडी

Q.88 “हीन भएँ जल मीन अधीन कहा कछु मो अकुलानि समानै । नीर-सनेही कों लाय कलंक निरास है कायर त्यागत प्रानै ।। प्रीति की रीति सु क्यों समुझे जड़ मीत के पानि परें कों प्रमानै । या मन की जु दसा घनआनंद जीव की जीवनि जान ही जानै ।।” छन्द की व्याख्या के संबंध में असंगत है –

(1) सवैया छंद है।
(2) मीन और विरही की व्याकुलता पूर्णतः सदृश है और दोनों ही वियोग में निराश होकर कायरों की भाँति प्राण त्याग देते हैं।
(3) ‘घनानंद’ से सुजान भी संकेतित हैं।
(4) साहस के अभाव का संकेत है।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) ‘घनानंद’ से सुजान भी संकेतित हैं।

Q.89 किस विकल्प के सभी विद्वान ‘पृथ्वीराज रासो’ को सर्वथा अप्रामाणिक रचना मानते हैं?

(1) मोहनलाल विष्णुलाल पंड्या, बाबू श्यामसुंदर दास, डॉ. बूलर
(2) मॉरिसन, डॉ. बूलर, बाबू श्यामसुंदर दास
(3) डॉ. बूलर, गौरीशंकर हीराचंद ओझा, मुंशी देवीप्रसाद
(4) गौरीशंकर हीराचंद ओझा, मुंशी देवीप्रसाद, मोहनलाल विष्णुलाल पंड्या
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) गौरीशंकर हीराचंद ओझा, मुंशी देवीप्रसाद, मोहनलाल विष्णुलाल पंड्या

Q.90 खड़ी बोली गद्य के प्रारंभिक चार उन्नायकों में शामिल नहीं हैं –

(1) सदल मिश्र
(2) लाला भगवानदीन
(3) इंशा अल्ला खाँ
(4) लल्लू लाल
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) इंशा अल्ला खाँ

Q.91 किस विकल्प के सभी शब्द तत्सम हैं?

(1) गोंद, दूर्वा, धीरज
(2) निद्रा, पत्र, पत्थर
(3) द्राक्षा, थल, नृत्य
(4) पाषाण, पर्ण, स्तम्भ
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) पाषाण, पर्ण, स्तम्भ

Q.92 ‘अधिकार खोकर बैठ रहना, यह महा दुष्कर्म है। न्यायार्थ अपने बन्धु को भी, दण्ड देना धर्म है।’ प्रस्तुत पंक्तियाँ किस छन्द की हैं?

(1) हरिगीतिका
(2) मत्तगयन्द सवैया
(3) चौपाई
(4) द्रुतविलम्बित
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) हरिगीतिका

Q.93 किस विकल्प में अशुद्ध शब्द है?

(1) पुनरुक्ति
(2) द्रष्टा
(3) अन्तर्भाव
(4) अनुगृहीत
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) अनुगृहीत

Q.94 निम्नलिखित में से तीसरा सप्तक के कवि नहीं हैं –

(1) केदारनाथ सिंह
(2) विजयदेव नारायण साही
(3) रघुवीर सहाय
(4) कुँवर नारायण
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) विजयदेव नारायण साही

Q.95 साधारणीकरण के संबंध में असंगत कथन है –

(1) डॉ. नगेंद्र के अनुसार साधारणीकरण कवि की अपनी अनुभूति का होता है।
(2) अभिनव गुप्त के अनुसार भाव का साधारणीकरण सामूहिक क्रिया नहीं है, वह कला के क्षेत्र में वैयक्तिक क्रिया है।
(3) आचार्य रामचंद्र शुक्ल के अनुसार साधारणीकरण आलम्बनत्व धर्म का होता है।
(4) आचार्य नंददुलारे वाजपेयी के अनुसार साधारणीकरण रचयिता और उपभोक्ता के बीच भावना का तादात्म्य है।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) आचार्य रामचंद्र शुक्ल के अनुसार साधारणीकरण आलम्बनत्व धर्म का होता है।

Q.96 संविधान के राजभाषा विषयक प्रावधानों की दृष्टि से असंगत विकल्प है –

(1) अनुच्छेद 351 ए तथा बी में मातृभाषा के माध्यम से शिक्षण तथा भाषिक अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा के लिए व्यवस्था की गई है।
(2) अनुच्छेद 343 (1) के अनुसार संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी होगी।
(3) अनुच्छेद 343(1) के अनुसार संघ के राजकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग होने वाले अंकों का रूप भारतीय अंकों का अन्तर्राष्ट्रीय रूप होगा।
(4) अनुच्छेद 351 हिंदी भाषा की प्रसार वृद्धि को निदेशित करता है।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) अनुच्छेद 351 ए तथा बी में मातृभाषा के माध्यम से शिक्षण तथा भाषिक अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा के लिए व्यवस्था की गई है।

Q.97 “बिरह भुवंगम तन बसै, मंत्र न लागै कोइ । राम बियोगी न जिवै, जिवै तौ बौरा होइ ।।” साखी में ‘भुवंगम’ का अर्थ है –

(1) भवन
(2) सर्प
(3) भ्रमर
(4) वियोगी
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) सर्प

Q.98 तत्पुरुष समास का उदाहरण नहीं है –

(1) खेचर
(2) देशकाल
(3) तटस्थ
(4) मनसिज
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) देशकाल

Q.99 अष्टछाप के कवियों के विषय में निम्नलिखित में से कौनसा विकल्प असंगत है?

(1) परमानंददास – ये वल्लभाचार्य के शिष्य थे।
(2) कुंभनदास – ये वल्लभाचार्य के शिष्य थे।
(3) चतुर्भुजदास – ये वल्लभाचार्य के शिष्य थे।
(4) छीतस्वामी – ये विट्ठलनाथ जी के शिष्य थे।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) चतुर्भुजदास – ये वल्लभाचार्य के शिष्य थे।

Q.100 बूचर के अनुसार, अरस्तू की अनुकरण संबंधी मान्यता के संबंध में असंगत विकल्प है –

(1) कलाकृति में मानव-जीवन के सामान्य पक्ष का अनुकरण होता है।
(2) कलाकृति मूल वस्तु का पुनरुत्पादन है।
(3) कलाकृति कलाकार के मनोगत बिंब का प्रतिफल होती है।
(4) कलाकृति मानव-जीवन का आदर्शीकृत प्रतिरूपण नहीं है।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) कलाकृति मूल वस्तु का पुनरुत्पादन है।

Q.101 ‘कलम तोड़ना’ मुहावरे का निकटतम अर्थ है –

(1) लिख न सकना।
(2) सुन्दर लिपि में लिखना।
(3) लेख आदि को काट डालना।
(4) मार्मिक बात लिखना।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) लिख न सकना।

Q.102 “बन बितान रबि, ससि दियो, फल भख सलिल-प्रवाह । अवनि-सेज, पंखा-पवन, अब न कछू परवाह ।।” प्रस्तुत पद में रस है –

(1) शांत
(2) हास्य
(3) करुण
(4) शृंगार
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) शांत

Q.103 किस विकल्प के सभी शब्द तद्भव हैं?

(1) अंगूठा, अमृत
(2) आँत, अकार्य
(3) अंगरखा, अष्ट
(4) अदरक, अचरज
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) अदरक, अचरज

Q.104 हिन्दी की आदिकालीन साहित्यिक प्रवृत्तियों के विषय में निम्नलिखित में से कौनसा विकल्प गलत है?

(1) आदिकालीन हिन्दी साहित्य में कोमल भावों की अभिव्यंजना डिंगल शैली में की गई है।
(2) रासो ग्रंथों में कथा कहने के ढंग के लिए कथानक रूढ़ियों का प्रयोग मिलता है।
(3) आदिकाल में कथ्य की विविधता के साथ छंद प्रयोग की विविधता मिलती है।
(4) आदिकालीन रासो काव्यों में वीर रस की व्यंजना के लिए छप्पय, तोटक, तोमर, पद्धरि और नाराच छंदों का अधिक प्रयोग किया गया है।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) आदिकालीन हिन्दी साहित्य में कोमल भावों की अभिव्यंजना डिंगल शैली में की गई है।

Q.105 आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का बिहारी विषयक मत नहीं है

(1) बिहारी की वाक्यरचना व्यवस्थित है और शब्दों के रूप का व्यवहार एक निश्चित प्रणाली पर है।
(2) बिहारी के दोहों में मुक्तक कविता का सौन्दर्य अपने चरम उत्कर्ष को पहुँचा है।
(3) बिहारी में भावों का बहुत उत्कृष्ट और उदात्त स्वरूप मिलता है।
(4) बिहारी की रसव्यंजना का पूर्ण वैभव उनके अनुभावों के विधान में दिखाई पड़ता है।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) बिहारी के दोहों में मुक्तक कविता का सौन्दर्य अपने चरम उत्कर्ष को पहुँचा है।

Q.106 यात्रावृत्तांत लेखन के विषय में असंगत है

(1) अधिकतर यात्रा-साहित्य संस्मरणात्मक होता है।
(2) डॉ. रघुवंश के अनुसार यात्रा-साहित्य आधुनिक हिन्दी-साहित्य में पाश्चात्य-साहित्य के संपर्क में आने के बाद ही विकसित हुआ।
(3) यात्री अपने साहित्य में संवेदनशील होकर भी निरपेक्ष नहीं रहता है।
(4) यात्रा करने मात्र से कोई साहित्यिक यायावर की संज्ञा नहीं प्राप्त कर सकता और न यात्रा का विवरण प्रस्तुत कर देना मात्र यात्रा-साहित्य है।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) डॉ. रघुवंश के अनुसार यात्रा-साहित्य आधुनिक हिन्दी-साहित्य में पाश्चात्य-साहित्य के संपर्क में आने के बाद ही विकसित हुआ।

Q.107 “यह काया है या शेष उसी की छाया । क्षण भर उनकी कुछ नहीं समझ में आया ।।” पंक्तियों में निहित अलंकार है

(1) भ्रान्तिमान
(2) अपहनुति
(3) संदेह
(4) विरोधाभास
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) भ्रान्तिमान

Q.108 ‘यदि मन लगाकर काम करोगे, तो सफलता प्राप्त करोगे।’ उक्त वाक्य का प्रकार बताइए

(1) मिश्र वाक्य
(2) साधारण वाक्य
(3) सरल वाक्य
(4) संयुक्त वाक्य
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) मिश्र वाक्य

Q.109 किस विकल्प के सभी शब्द शुद्ध हैं?

(1) निश्च्छल, ब्रह्मा
(2) मध्याह्न, अतिथि
(3) उल्लंघन, ईर्षा
(4) स्वावलंबन, जिव्हा
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) मध्याह्न, अतिथि

Q.110 डॉ. ग्रियर्सन के अनुसार, राजस्थानी की बोलियों में सम्मिलित नहीं है

(1) भीली
(2) नीमाड़ी
(3) अहीरवाटी
(4) ढूँढाड़ी
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) नीमाड़ी

Q.111 “पुरस्कार का भी केन्द्रबिंदु प्रेम का द्वन्द्व ही है, जो उगता तो है बाहरी परिवेश के बीच किंतु धीरे-धीरे अपने भीतर से ही विकसित होने लगता है।” ‘पुरस्कार’ कहानी पर यह टिप्पणी किसकी है?

(1) महीप सिंह
(2) राजेन्द्र यादव
(3) रामदरश मिश्र
(4) कमलेश्वर
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) रामदरश मिश्र

Q.112 उत्तम काव्य की रचना धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष रूप चारों पुरुषार्थों को तथा समस्त कलाओं में निपुणता को और प्रीति (आनन्द) तथा कीर्ति को उत्पन्न करती है। काव्य-प्रयोजन के संबंध में यह मान्यता किसकी है?

(1) कुलपति
(2) मम्मट
(3) दण्डी
(4) भामह
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) मम्मट

Q.113 ‘मनमुटाव करना’ अर्थ के लिए सर्वाधिक उपयुक्त मुहावरा है

(1) गाँठ करना
(2) गाँठ कतरना
(3) गाँठ उखड़ना
(4) गाँठ बाँधना
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) गाँठ उखड़ना

Q.114 ‘पतंग’ शब्द का अर्थ नहीं है

(1) शलभ
(2) धनुष
(3) चिड़िया
(4) सूर्य
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) चिड़िया

Q.115 साधारण वाक्य का उदाहरण नहीं है

(1) शास्त्री जी को सभापति बनाया गया।
(2) धूप कड़ी होने के कारण वे पेड़ की छाया में ठहर गए।
(3) नौकर ने कहा कि मैं जिस दुकान में गया था उसमें दवा नहीं मिली।
(4) काम सीखा हुआ नौकर कठिनाई से मिलता है।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) नौकर ने कहा कि मैं जिस दुकान में गया था उसमें दवा नहीं मिली।

Q.116 तद्भव शब्द है

(1) पथिक
(2) पंथी
(3) पदक
(4) पद्म
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) पंथी

Q.117 जैन-साहित्य के संबंध में असंगत कथन है

(1) फागु काव्य शैली की सामान्यता के लिए प्रसिद्ध हैं।
(2) ‘रेवंतगिरिरास’ में वास्तुकलात्मक सौन्दर्य का आकर्षण है।
(3) जैन तीर्थंकरों के जीवनचरित रास नाम से भी पद्यबद्ध किए गए।
(4) आचारशैली के जैन-काव्यों में उपदेशात्मकता के स्थान पर घटनाओं को प्रधानता दी गई है।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) आचारशैली के जैन-काव्यों में उपदेशात्मकता के स्थान पर घटनाओं को प्रधानता दी गई है।

Q.118 निम्नलिखित में से हिन्दी साहित्य के काल-विभाजन का प्रयास सर्वप्रथम किस विद्वान ने किया?

(1) शिवसिंह सेंगर ने
(2) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने
(3) हजारी प्रसाद द्विवेदी ने
(4) जॉर्ज ग्रियर्सन ने
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) शिवसिंह सेंगर ने

Q.119 रीतिनिरूपण और रीतिकवि के आधार पर असंगत विकल्प है

(1) सर्वांग-निरूपक – कुलपति मिश्र
(2) छन्द-निरूपक – तोष
(3) सर्वरस-निरूपक – पद्माकर
(4) अलंकार-निरूपक – जसवंत सिंह
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) छन्द-निरूपक – तोष

Q.120 निम्नलिखित में से जयशंकर प्रसाद के नाटकों की विशेषता नहीं है

(1) उनके नाटकों में काव्यात्मकता दृष्टिगोचर होती है।
(2) उनके नाटकों में भी दर्शन हैं लेकिन उनकी दार्शनिकता उनकी नाटकीय कलात्मकता में विघ्न उपस्थित नहीं करती है।
(3) उनके नाटकों का देश-काल पर्याप्त विस्तृत है।
(4) उनके नाटक सांस्कृतिक हैं, वे देश की समृद्धि के प्रतिरूप हैं।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) उनके नाटकों का देश-काल पर्याप्त विस्तृत है।

Q.121 प्रयत्न के आधार पर ‘ड’ व्यंजन है

(1) नासिक्य
(2) लुंठित
(3) पार्श्विक
(4) उत्क्षिप्त
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) उत्क्षिप्त

Q.122 ‘हवा में उड़ा देना’ मुहावरे का अर्थ है

(1) होश ठिकाने न रहना
(2) कोई ध्यान न देना
(3) बुरी दशा आना
(4) किसी विचार का प्रचार होना
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) कोई ध्यान न देना

Q.123 निम्नलिखित में से कौनसा विकल्प शब्द-शक्तियों के संबंध में संगत नहीं है?

(1) जहाँ पर मुख्य अर्थ की बाधा होने पर सादृश्य संबंधों के द्वारा उसे ग्रहण किया जाये, वहाँ पर शुद्धा प्रयोजनवती लक्षणा होती है।
(2) जो शब्द शक्ति वक्ता, बोद्धव्य, वाक्य अन्यसन्निधि, वाच्य, प्रकरण, देश, काल, काकु, चेष्टा आदि की विशेषता के कारण व्यंग्यार्थ की प्रतीति कराती है, वह आर्थी व्यंजना कही जाती है।
(3) मुख्यार्थ को छोड़कर जहाँ पर प्रचलन के कारण अन्य अर्थ ग्रहण किया जाता है, वहाँ रूढ़ि लक्षणा होती है।
(4) जहाँ पर मुख्यार्थ की बाधा होने पर लक्षणा शक्ति से अन्य अर्थ निकलता है, परन्तु उसके बाद भी अर्थ प्राप्त होता है, वहाँ पर लक्षणामूला शाब्दी व्यंजना होती है।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) मुख्यार्थ को छोड़कर जहाँ पर प्रचलन के कारण अन्य अर्थ ग्रहण किया जाता है, वहाँ रूढ़ि लक्षणा होती है।

Q.124 ‘कच समेट कर भुज उलठि, खए सीस पट-टारि। काकौ बाँधै नह यह, जुरो बाँधिनहारि।।’ रेखांकित अंश में शब्द-शक्ति है –

(1) लक्षण लक्षणा
(2) रूढ़ि लक्षणा
(3) उपादान लक्षणा
(4) अभिधा
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) अभिधा

Q.125 ‘किसी अयोग्य व्यक्ति को कोई सुन्दर या बहुमूल्य वस्तु प्रदान करने’ पर प्रयुक्त की जाने वाली सर्वाधिक उपयुक्त लोकोक्ति है –

(1) बन्दर के गले में मोतियों की माला
(2) चील के घोंसले में मांस
(3) ऊँट के गले में बिल्ली
(4) बिल्ली के गले में घंटी
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) बन्दर के गले में मोतियों की माला

Q.126 अशुद्ध वाक्य नहीं है –

(1) इस बात का स्पष्टीकरण करने की आवश्यकता है।
(2) वह अपराधी दण्ड देने योग्य है।
(3) आक्रमणकारी दस बारह पशु उठा ले गये।
(4) उसने मुझे गालियाँ दीं।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) उसने मुझे गालियाँ दीं।

Q.127 यमक अलंकार के संबंध में असंगत विकल्प है –

(1) अर्थवैषम्य इसका आवश्यक तत्व है।
(2) इसमें स्वरव्यंजन समुदाय या वर्णसंघात की आवृत्ति होती है।
(3) इसमें वर्णों का आवर्तन पूर्वक्रम से नहीं होता है।
(4) इसमें भिन्नार्थक सार्थक वर्णसमूह की आवृत्ति होती है।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) इसमें वर्णों का आवर्तन पूर्वक्रम से नहीं होता है।

Q.128 निम्नलिखित में से अशुद्ध वाक्य है –

(1) आकाश में तारे टिमटिमा रहे हैं।
(2) कृपया मेरी सौभाग्यवती कन्या के विवाह में पधारें।
(3) प्रशान्त बहुत चालाक है।
(4) उसे अपनी योग्यता पर गर्व है।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) कृपया मेरी सौभाग्यवती कन्या के विवाह में पधारें।

Q.129 क्रमशः सही अर्थयुक्त शब्द-युग्म है –

(1) इन्द्वा = लक्ष्मी, इंदिरा = इन्द्र की पत्नी
(2) इति = अंत, ईति = बाधा
(3) कुल = वंश, कूल = ठण्डा
(4) परिमल = पवित्र, परिमभ = वैभव
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) इति = अंत, ईति = बाधा

Q.130 असंगत विलोम शब्द है –

(1) विकृष्ट – अनाकृष्ट
(2) वैधर्म्य – साधर्म्य
(3) व्यास – समास
(4) विस्तीर्ण – संकीर्ण
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) विकृष्ट – अनाकृष्ट

Q.131 निम्नलिखित में से रामभक्ति काव्य परम्परा के कवि नहीं हैं –

(1) हरिराम व्यास
(2) हृदयराम
(3) माधवदास चारण
(4) नरहरि बारहट
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) नरहरि बारहट

Q.132 डॉ. रामविलास शर्मा के अनुसार हिन्दी नवजागरण का तृतीय चरण है –

(1) 1857 का स्वाधीनता संग्राम
(2) भारतेन्दु युग
(3) छायावाद युग
(4) महावीर प्रसाद द्विवेदी और उनके सहयोगियों का कार्यकाल
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) छायावाद युग

Q.133 कृदन्त का उदाहरण है –

(1) सर्वथा
(2) जटिल
(3) हर्षित
(4) स्वजन
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) हर्षित

Q.134 निम्न में से किस पंक्ति में दुष्टक्रमत्व दोष है?

(1) राजन! देहु तुरंग मोहि, अथवा देहु मतंग।
(2) लंका-पुरि-पति को जो भ्राता तासु प्रिया नहिं आवति।
(3) पावन पद वन्दन करके प्रभु, कब कार्त्तार्थ्य मिले मुझ को।
(4) घटो ले के जननि-हरि को गोद में बैठती थीं।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) घटो ले के जननि-हरि को गोद में बैठती थीं।

Q.135 संधि का सही विकल्प नहीं है –

(1) पितृ + अनुमति = पित्रानुमति
(2) ब्रह्म + ऋषि = ब्रह्मर्षि
(3) अनु + ईक्षण = अन्वीक्षण
(4) जल + ओघ = जलौघ
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) पितृ + अनुमति = पित्रानुमति

Q.136 शुद्ध शब्द नहीं है –

(1) अभ्यान्तर
(2) अभ्युदय
(3) अभ्युत्थान
(4) अभ्यास
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) अभ्यान्तर

Q.137 ‘बेसर-मोती-दुति-झलक, परी अधर पर आनि। पट पोंछति चूनाँ समुझि, नारि निपट अयानि।।’ प्रस्तुत पद में अलंकार है –

(1) विरोधाभास
(2) विभावना
(3) असंगति
(4) भ्रान्तिमान
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) भ्रान्तिमान

Q.138 “वा छबि को रसखानि बिलोकत वारत काम कला निज कोटी। काग के भाग महा सजनी हरि हाथ सों ले गयो माखन रोटी।।” प्रस्तुत पंक्तियाँ किस छन्द की है?

(1) हरिगीतिका
(2) मनहरण कवित्त
(3) मतगयन्द सवैया
(4) मन्दाक्रान्ता
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) मतगयन्द सवैया

Q.139 भारतेन्दु युगीन पत्र-पत्रिका एवं संपादक की दृष्टि से असंगत विकल्प है –

(1) पीयूष प्रवाह – राधाचरण गोस्वामी
(2) सदादर्श – लाला श्रीनिवास दास
(3) भारत मित्र – रुद्रदत्त
(4) हिन्दी प्रदीप – पं. बालकृष्ण भट्ट
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) भारत मित्र – रुद्रदत्त

Q.140 “यदि ऐसा ही है तो फिर अच्छा है कि तुम लोग अलग हो जाओ। संबंध को निभाने की खातिर अपने को खत्म कर देने से अच्छा कि संबंध को खत्म कर दो।” ‘आपका बंटी’ उपन्यास में यह कथन किसने किससे कहा था?

(1) फूफी ने शकुन से
(2) वकील चाचा ने शकुन से
(3) अजय ने शकुन से
(4) शकुन ने अजय से
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) फूफी ने शकुन से

Q.141 कथन (I) : अग्रिम संगठक प्रतिमान की सामाजिक प्रणाली असंरचित होती है। कथन (II) : अग्रिम संगठक प्रतिमान की सामाजिक प्रणाली में विद्यार्थी अनेक प्रश्न पूछकर नई अधिगम सामग्री को अपने मौजूदा ज्ञान में आत्मसात करने में संलग्न होते हैं।

(1) कथन (I) एवं (II) दोनों सही हैं।
(2) कथन (I) एवं (II) दोनों गलत हैं।
(3) कथन (I) सही है एवं (II) गलत है।
(4) कथन (I) गलत है एवं (II) सही है।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) कथन (I) गलत है एवं (II) सही है।

Q.142 कक्षा में शिक्षण-अधिगम सामग्रियों के उपयोग का निम्नलिखित में से कौनसा उद्देश्य नहीं है?

(1) अधिगम को वास्तविक, व्यावहारिक और रोचक बनाना।
(2) शिक्षण सामग्री के उपयोग की अनिवार्यता के नियम का पालन करना।
(3) कक्षा शिक्षण में नवीनता और ताजगी लाना।
(4) किसी कौशल, तथ्य या विचार को स्पष्ट करना अथवा पुनर्बलित करना।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) शिक्षण सामग्री के उपयोग की अनिवार्यता के नियम का पालन करना।

Q.143 निम्नलिखित आभासी कक्षा की विशेषताओं का उनके विवरण के साथ सही मिलान कीजिए –

सूची-I (विशेषता)सूची-II (विवरण)
(A) फायदा(I) विद्यार्थी ऐसे शिक्षण प्रारूप से सीख सकते हैं जो उनकी सीखने की शैली के लिए सबसे सही है।
(B) लचीलापन(II) विद्यार्थी जरूरत के हिसाब से सही समय पर सीख सकते हैं।
(C) गुणवत्ता(III) बड़ी संख्या में विद्यार्थी एक शिक्षक से सीख सकते हैं।
(D) दक्षता(IV) विद्यार्थी सबसे अच्छे अनुदेशनकर्ता या विशेषज्ञ से सीख सकते हैं।

(1) (A)-(III), (B)-(II), (C)-(IV), (D)-(I)
(2) (A)-(II), (B)-(IV), (C)-(I), (D)-(III)
(3) (A)-(III), (B)-(I), (C)-(IV), (D)-(II)
(4) (A)-(II), (B)-(I), (C)-(IV), (D)-(III)
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (1) (A)-(III), (B)-(II), (C)-(IV), (D)-(I)

Q.144 अशाब्दिक संचार (संप्रेषण) कौशल के बारे में कौनसा कथन सही नहीं है?

(1) हाथ उठाना, हाव-भाव अथवा शारीरिक भाषा संकेत का उदाहरण है।
(2) बहुत अधिक धीमी गति से बोलना गंभीरता या उदासी को दर्शा सकता है।
(3) पैरा भाषा अशाब्दिक संचार कौशल का एक प्रकार है।
(4) शारीरिक मुद्राएँ, शरीर के अंगों की गति का वर्णन करती हैं।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (4) शारीरिक मुद्राएँ, शरीर के अंगों की गति का वर्णन करती हैं।

Q.145 जब किसी दल प्रतियोगिता में उच्च प्रदर्शन करने वाले सदस्य ईनाम जीतने के लिए औसत या कम प्रदर्शन करने वाले सदस्यों की सहायता करते हैं, तो सहयोगी अधिगम में यह किस प्रकार की अन्योन्याश्रयता कहलाती है?

(1) कार्य अन्योन्याश्रयता
(2) पुरस्कार अन्योन्याश्रयता
(3) लक्ष्य अन्योन्याश्रयता
(4) चालक अन्योन्याश्रयता
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) पुरस्कार अन्योन्याश्रयता

Q.146 निम्नलिखित कॉलम ‘अ’ में आई. सी. टी. (ICT) सॉफ्टवेयर का मिलान उनके उपयोग कॉलम ‘ब’ के साथ कीजिए –

कॉलम ‘अ’ (सॉफ्टवेयर)कॉलम ‘ब’ (उपयोग)
(A) डेस्कटॉप प्रकाशन(I) विद्यार्थी के मौजूदा कौशल को मजबूत करना।
(B) विद्यार्थी निगरानी(II) हैंडआउट, न्यूज़लेटर और फ्लायर बनाना एवं डिज़ाइन करना, जिससे विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को विभिन्न गतिविधियों तथा घटनाओं के विषय में सूचित किया जा सके।
(C) ड्रिल एवं प्रैक्टिस(III) वास्तविक समय और भविष्य दोनों में विद्यार्थी की प्रगति को देखना एवं रिपोर्टिंग करना।
(D) संलेखन प्रणाली(IV) शिक्षकों को स्वयं अनुदेशात्मक सॉफ्टवेयर बनाने में मदद करना।

(1) (A)-(III), (B)-(II), (C)-(I), (D)-(IV)
(2) (A)-(II), (B)-(III), (C)-(I), (D)-(IV)
(3) (A)-(I), (B)-(II), (C)-(IV), (D)-(III)
(4) (A)-(II), (B)-(IV), (C)-(III), (D)-(I)
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) (A)-(II), (B)-(III), (C)-(I), (D)-(IV)

Q.147 निम्नलिखित में से कौनसा एक विषय विशिष्ट फ्री और ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर नहीं है, जिसका उपयोग शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के साथ-साथ विषयवस्तु विकास के लिए भी किया जा सकता है?

(1) कैल्जियम
(2) भुवन
(3) स्क्रैच
(4) जियोजेब्रा
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) भुवन


Q.148 तकनीकी एकीकरण के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौनसी डिजिटल लर्निंग आधारित पूरक श्रेणीबद्ध पठन श्रृंखला है, जिसे बच्चों को प्रारंभिक वर्षों के दौरान एक शिक्षण शास्त्रीय उपकरण के रूप में पठन कौशल विकसित करने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है?

(1) भाषा संगम
(2) बाल बगिया
(3) बरखा
(4) प्रशस्त
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (2) बाल बगिया


Q.149 इनमें से कौनसा सॉफ्टवेयर शिक्षकों को गणना करके अंकतालिका तैयार करने में मदद करता है?

(1) एम.एस. वर्ड
(2) माइक्रोसॉफ्ट आउटलुक
(3) एम.एस. एक्सेल
(4) एम. एस. पावरप्वाइंट
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) एम.एस. एक्सेल


Q.150 पृच्छा प्रशिक्षण प्रतिमान की कौनसी अवस्था परिकल्पना परीक्षण से संबंधित है?

(1) पृच्छा प्रक्रिया का विश्लेषण करना।
(2) वस्तु एवं परिस्थितियों की प्रवृत्ति का सत्यापन करना।
(3) प्रयोग द्वारा प्रदत्तों को संकलित करना।
(4) पृच्छा प्रक्रिया की व्याख्या करना।
(5) अनुत्तरित प्रश्न

Ans. (3) प्रयोग द्वारा प्रदत्तों को संकलित करना।

The complete solved paper, memory-based questions, and expert solutions will be added here after the exam is over and candidates share the paper details from examination centres.

The School Lecturer Hindi Answer Key 2026 will help candidates compare answers and estimate their expected marks before the official result declaration.

RPSC 1st Grade Hindi Answer Key 2026 Overview

School Lecturer Hindi Answer Key Details
Exam NameRPSC 1st Grade Hindi Exam 2026
Conducting AuthorityRajasthan Public Service Commission
GroupGroup A
SubjectHindi
Exam Date31 May 2026
Exam Time02:30 PM TO 05:30 PM
CategoryAnswer Key
Expected Answer Key ReleaseJuly 2026
Answer Key ModeOnline PDF
Official Websitehttps://rpsc.rajasthan.gov.in

RPSC 1st Grade Hindi Question Paper 2026

The Hindi examination covered questions from Hindi Literature, Grammar, Language Skills, Poetry, Prose, Literary History, and Teaching Methodology. According to candidates, the paper was moderate and a few questions were repeated from previous exam trends.

The complete paper review along with memory-based questions and unofficial solutions will be updated soon. Candidates can also use the School Lecturer Hindi Answer Key 2026 PDF Download to analyse question difficulty and expected score.

RPSC 1st Grade Hindi Official Answer Key 2026 Release Date

Rajasthan Public Service Commission is likely to release the RPSC 1st Grade Hindi Official Answer Key 2026 in July 2026. The board will first publish the provisional answer key and later release the final answer key after reviewing objections submitted by candidates.

The School Lecturer Hindi Answer Key 2026 PDF Download link will be activated after the official release on the answer key portal.

How to Download RPSC 1st Grade Hindi Answer Key PDF

Candidates can follow these simple instructions to download the RPSC 1st Grade Hindi Answer Key PDF:

  • Visit the official RPSC website.
  • Open the Answer Key section available on the homepage.
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RPSC 1st Grade Hindi Answer Key 2026 Direct Link

Candidates can access the RPSC 1st Grade Hindi Answer Key 2026 PDF through the official answer key portal after release. The direct download link for Hindi solved paper PDF and official answer key will be activated below.

Direct Link: https://rpsc.rajasthan.gov.in/answerkeys

RPSC 1st Grade Hindi Final Answer Key 2026

Rajasthan Public Service Commission will publish the RPSC 1st Grade Hindi Final Answer Key 2026 after checking all objections received from candidates. If any modifications are made in the provisional answer key, the updated answers will be included in the final PDF. Candidates can use the final answer key to estimate their final marks.

The School Lecturer Hindi Answer Key 2026 will be important for calculating expected scores and preparing the final merit list for School Lecturer recruitment.

The RPSC 1st Grade Group A Hindi Answer Key 2026 will be used for calculating final scores and preparing the School Lecturer result.

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